परीक्षा में असफलता से आहत 10वीं के छात्र ने की आत्महत्या इलाज के दौरान मौत
परीक्षा में असफलता से आहत 10वीं के छात्र ने की आत्महत्या, इलाज के दौरान मौत
जीवन की किसी परीक्षा में असफल होना अंत नहीं, बल्कि सीखने की एक प्रक्रिया है, लेकिन कई बार बच्चे इस दबाव को सहन नहीं कर पाते। ऐसी ही एक दर्दनाक घटना हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र से सामने आई है, जहां 10वीं कक्षा में फेल होने से आहत एक 15 वर्षीय छात्र ने आत्महत्या कर ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में घोषित हुए एसओएस बोर्ड की 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में छात्र पास नहीं हो पाया था। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। परिजनों ने बताया कि परीक्षा परिणाम के बाद वह काफी गुमसुम रहने लगा था और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहा था, हालांकि किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा।
घटना उस समय सामने आई जब परिजनों को छात्र घर में नजर नहीं आया। तलाश करने पर वह घर के पास ही निर्माणाधीन एक कमरे में फंदे से लटका मिला। परिजन तुरंत उसे पांवटा साहिब अस्पताल ले गए, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान छात्र ने दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान कृष (15 वर्ष), पुत्र तरसेम, निवासी गांव कोटड़ी व्यास, उपमंडल पांवटा साहिब के रूप में हुई है। कृष अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा परिणाम के अलावा कोई अन्य कारण तो नहीं था, जिसने छात्र को मानसिक रूप से इतना परेशान कर दिया।
कृष के पिता मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की असामयिक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। कृष अपने पीछे माता-पिता और एक बहन को छोड़ गया है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है। स्थानीय लोग बच्चों पर बढ़ते परीक्षा दबाव और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता जता रहे हैं।