धर्मशाला पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 25 साल का कठोर कारावास
धर्मशाला पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 25 साल का कठोर कारावास
हिमाचल प्रदेश में बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के बीच धर्मशाला की अदालत से एक अहम फैसला सामने आया है। करीब दो साल तक चली सुनवाई के बाद पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को कठोर सजा सुनाई है।
यह मामला 4 अगस्त 2023 को जिला कांगड़ा के देहरा क्षेत्र से सामने आया था। जांच में सामने आया कि 47 वर्षीय आरोपी पिछले चार वर्षों से नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म कर रहा था और उसे धमकाकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था। आरोपी ने पीड़िता को गर्भवती भी कर दिया था।
पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पूरी सच्चाई अपनी बुआ को बताई। इसके बाद बुआ ने बच्ची को लेकर देहरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
मेडिकल जांच में नाबालिग के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई और उसके गर्भवती होने की भी जानकारी सामने आई। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची, लेकिन वह फरार हो गया था। अगले दिन पुलिस ने आरोपी को झाड़ियों में छिपे हुए गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पीड़िता को मोबाइल फोन पर अश्लील फोटो, वीडियो और मैसेज भेजता था। पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की और कोर्ट में कुल 39 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट), धर्मशाला ने आरोपी श्रवण कुमार पुत्र दुनी चंद, निवासी गांव गुलेर, तहसील हरिपुर को दोषी करार दिया।
कोर्ट ने दोषी को पोक्सो एक्ट के तहत 25 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा आईटी एक्ट के तहत 6 महीने का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।