कांगड़ा

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सरकार की शीर्ष प्राथमिकता: प्रो. चंद्र कुमार

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सरकार की शीर्ष प्राथमिकता: प्रो. चंद्र कुमार

कृषि मंत्री ने ज्वाली स्कूल के मेधावी छात्रों को किया सम्मानित

ज्वाली में अवसंरचना विकास पर करोड़ों की योजनाएं प्रगति पर

ज्वाली,  कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्वाली के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने, नशे से दूर रहने तथा शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है, जिसके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। साथ ही सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम शुरू किया गया है। इसके अलावा राज्य के 100 सरकारी स्कूलों में अगले सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम भी लागू किया जाएगा ताकि बच्चों को प्रतिस्पर्धी युग के लिए तैयार किया जा सके।उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षकों के पद भी क्रमबद्ध रूप से भरे जा रहे हैं।
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और ज्वाली क्षेत्र में सड़कों, पेयजल, बिजली, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा ठंगर में राजीव गांधी गवर्नमेंट मॉडल डे बोर्डिंग स्कूल के प्राइमरी ब्लॉक का निर्माण 5 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है, जबकि राजकीय डिग्री कॉलेज ज्वाली के नए भवन के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सिविल अस्पताल ज्वाली में 50 बिस्तरों की अतिरिक्त सुविधा 6.42 करोड़ रुपये तथा आईटीआई ज्वाली में अतिरिक्त भवन 7.83 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन है। इसके अतिरिक्त कैहरियां चौक-ज्वाली बस स्टैंड-चलवाड़ा सड़क पर 5.50 करोड़, कैहरियां-हरियां-कुठेड़ मार्ग पर 15 करोड़ तथा कैहरियां चौक-मतलाहड़-खरोटा सड़क पर 6.50 करोड़ रुपये की लागत से उन्नयन कार्य जारी है।
जल शक्ति विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अमृत-2 योजना के अंतर्गत ज्वाली शहर की शहरी जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 15.74 करोड़ रुपये, स्वच्छ भारत मिशन के तहत सीवरेज योजना पर 5.05 करोड़ तथा ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न ट्यूबवेलों के सुधार व विस्तार पर 16.70 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से आरडीएसएस योजना के तहत ज्वाली क्षेत्र में 7.25 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 44 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, 20 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, 40 किलोमीटर नई एलटी लाइन बिछाई जाएगी, 33 किलोमीटर लाइनों की रिकंडक्टोरिंग, 3.5 किलोमीटर केबल कंडक्टर तथा 40 हजार स्मार्ट मीटर बदले जाएंगे।
कृषि मंत्री ने बताया कि विधायक प्राथमिकता के अंतर्गत जीएसएस स्कूल ज्वाली के समीप नाले पर पुल का निर्माण, जिसमें ‘ढन-काथू मोहल्ला-मिनी हरिद्वार’ सड़क भी शामिल है, लगभग 372.15 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें प्रोत्साहित करते हुए प्रो. चंद्र कुमार ने अपनी ऐच्छिक निधि से 15 हजार रुपये देने की घोषणा की। इससे पूर्व विद्यालय की प्रधानाचार्या प्रभात चन्द ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए विद्यालय की उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में एसएमसी प्रधान राकेश कुमार, नगर परिषद ज्वाली के अध्यक्ष राजेन्द्र राजू, पूर्व अध्यक्ष चैन सिंह, आईएमसी के अध्यक्ष मनु शर्मा, ग्राम पंचायत पलोहड़ा के प्रधान रघुवीर भाटिया, ज्वाली कॉलेज के प्रिंसिपल दिनेश शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त उपनिदेशक महेन्द्र धीमान, बीडीसी सदस्य सुरेन्द्र, समाजसेवी महेन्द्र धीमान, कांग्रेस नेता अनुराग डोगरा, युवा नेता गुलशन, लक्की ठाकुर,एसडीओ जल शक्ति पवन कौंडल, एसडीओ पीडब्ल्यूडी अंकित चौधरी, बिजली बोर्ड के एसडीओ जसवीर सिंह,एसवीओ भीष्म,सहित विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य, अध्यापक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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