कांगड़ा कार्निवाल लोक-संस्कृति और परंपराओं को सशक्त मंच : मुकेश अग्निहोत्री
कांगड़ा कार्निवाल लोक-संस्कृति और परंपराओं को सशक्त मंच : मुकेश अग्निहोत्री
पहली संध्या पर केरल के बैंड थाइकुडम ब्रिज ने बांधा समां अपनी प्रस्तुति से किया मंत्रमुग्ध
धर्मशाला, कांगड़ा कार्निवाल के दौरान आयोजित सांस्कृतिक संध्या में संगीत, हास्य और लोक-परंपराओं की सुरीली स्वर लहरियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में केरल के बैंड थाइकुडम ब्रिज के संगीत ने उत्सव के माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम में धर्मशाला क्षेत्र के खनियारा से आए शहनाई वादकों ने अपने प्राचीन वाद्य यंत्रों के माध्यम से मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों को हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। इसके साथ ही विभिन्न बैंड और सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियों ने कार्निवाल की रौनक को चार चांद लगा दिए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कांगड़ा कार्निवाल जिला कांगड़ा की समृद्ध लोक-संस्कृति, कला, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को सशक्त मंच प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक उत्सव न केवल स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि पर्यटन को नई दिशा भी प्रदान करते हैं, जिससे क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए निरंतर ऐसे आयोजनों को समर्थन दे रही है। कांगड़ा कार्निवाल सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक एकता और सामूहिक सहभागिता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कांगड़ा कार्निवाल 2025 देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करेगा और कांगड़ा घाटी की पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले के लिए यह अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है कि कांगड़ा वैली कार्निवल को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से सरकारी उत्सव का दर्जा प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने के उपरांत यह उत्सव अब प्रत्येक वर्ष 24 से 31 दिसंबर तक पुलिस मैदान, धर्मशाला में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 24 से 31 दिसंबर की निश्चित तिथि तय किया जाना एक दूरदर्शी निर्णय है, क्योंकि इस अवधि में क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक धर्मशाला और कांगड़ा घाटी का रुख करते हैं। ऐसे में कांगड़ा वैली कार्निवल पर्यटकों के लिए एक अतिरिक्त और विशिष्ट आकर्षण के रूप में उभरेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निरंतर ऐसे निर्णय ले रही है, जो हिमाचल की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और आम जनता के हितों को सुदृढ़ करने का कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आर.एस. बाली, हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, उपाध्यक्ष एचआरटीसी अजय वर्मा, एपीएमसी कांगड़ा के अध्यक्ष निशु मोंगरा, मेयर नगर निगम मेयर नीनू शर्मा, पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी,
उपायुक्त हेम राज बैरवा, आयुक्त नगर निगम जफर इकबाल, अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न, एडीएम शिल्पी बेक्टा, एसडीएम मोहित रत्न सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे।