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हिमाचल प्रदेश में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की सजा

हिमाचल प्रदेश में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की सजा

हिमाचल प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के बीच न्याय की एक अहम मिसाल सामने आई है। शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने लगभग छह साल की लंबी सुनवाई के बाद आरोपी को कठोर सजा सुनाई है।

यह मामला 26 दिसंबर 2019 का है, जब 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ एक ट्रक चालक ने दुष्कर्म किया था। आरोपी की पहचान इरफान अली उर्फ शाहरुख के रूप में हुई है, जो पेशे से ट्रक ड्राइवर है। जानकारी के अनुसार, आरोपी सेब सीजन के दौरान किन्नौर आया था, जहां उसकी मुलाकात पीड़िता से हुई।

आरोपी ने नाबालिग को मिलने के लिए बुलाया था। पीड़िता अपनी बहन और चचेरे भाई के साथ उससे मिलने गई थी। आरोपी ने तीनों को ट्रक में रुकने को कहा और रात के समय पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। अगले दिन सुबह आरोपी ने पीड़िता की बहन और भाई को करछम में उतार दिया, जबकि पीड़िता को अपने साथ रामपुर की ओर ले गया।

इस बीच बच्चों की तलाश कर रहे परिजनों को पुलिस की मदद से भाबानगर के पास पीड़िता आरोपी के साथ मिली। इसके बाद पीड़िता ने अपने माता-पिता को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और केस अदालत में पहुंचा। सुनवाई के दौरान कोर्ट में 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सभी साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

रामपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) ने आरोपी इरफान अली को पोक्सो एक्ट के तहत 20 साल के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने पीड़िता को 50 हजार रुपये मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में सजा बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है।

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