CRPF जवान राम स्वरूप कटारिया के निधन से ऊना का नंगड़ा गांव शोक में डूबा
CRPF जवान राम स्वरूप कटारिया के निधन से ऊना का नंगड़ा गांव शोक में डूबा
वीरभूमि हिमाचल का जीवन भले ही कठिनाइयों से भरा हो, लेकिन यहां के बेटे जब वर्दी पहनकर सीमाओं पर डटते हैं, तो पूरा प्रदेश उन पर गर्व करता है। दुर्भाग्य से कई बार यही गर्व के पल मातम में बदल जाते हैं। ऐसा ही एक मामला हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना से सामने आया है, जहां नंगड़ा गांव के CRPF जवान राम स्वरूप कटारिया के अचानक निधन की खबर से पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया।
बीस वर्ष से अधिक समय तक देश की सेवा
जानकारी के अनुसार, करीब बीस वर्षों से CRPF में सेवाएं दे रहे राम स्वरूप कटारिया अपने शांत स्वभाव, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। हाल ही में वह कुछ दिन की छुट्टी पर अपने गांव आए थे। परिवार के साथ बिताए ये पल अब उनकी अंतिम यादें बनकर रह गए।
छुट्टी समाप्त होने के बाद वह रैंक प्रमोशन प्रशिक्षण के लिए ग्वालियर लौटे थे, जहां बुधवार को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी हृदय गति रुक गई और उन्होंने अंतिम सांस ली।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवारजन इस दुख को सहन नहीं कर पा रहे। गुरुवार सुबह राम स्वरूप कटारिया का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांव लाया गया। CRPF के जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय लोगों और दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
समर्पण की मिसाल
राम स्वरूप कटारिया की असामयिक मृत्यु ने यह एक बार फिर याद दिलाया है कि देश की सुरक्षा में लगे जवान किस प्रकार नि:स्वार्थ भाव से अपने कर्तव्य का पालन करते हैं। नंगड़ा गांव का यह वीर आज भले ही हमारे बीच नहीं है, पर उसकी देशभक्ति और समर्पण की मिसाल हमेशा याद रखी जाएगी।