हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
उपमंडल संगड़ाह के मंडोली जंगल में एक नर कंकाल मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। चौंकाने वाली बात यह है कि यह कंकाल करीब चार महीने पहले हरियाली मेले से लापता हुए युवक का बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, संगड़ाह से लगभग दो किलोमीटर दूर जंगल में मानव कंकाल पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही संगड़ाह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर अपने कब्जे में लिया। प्रारंभिक जांच में कंकाल काफी पुराना प्रतीत हुआ, जिससे यह आशंका जताई गई कि मृत्यु कई महीने पहले हुई होगी।
पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों को मौके पर बुलाया और हाल के महीनों में लापता व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई। इसी दौरान नर कंकाल की पहचान संगड़ाह क्षेत्र में हरियाली मेले के दौरान लापता हुए युवक के रूप में की गई। मृतक की पहचान गांव कड़ियाणा, तहसील संगड़ाह निवासी 28 वर्षीय नरेश कुमार पुत्र बालक राम के तौर पर हुई है।
बताया गया कि नरेश कुमार 17 अगस्त को हरियाली मेले में गया था, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों द्वारा 22 अगस्त को थाना संगड़ाह में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। पुलिस ने कई बार तलाश अभियान चलाया, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया था।
कंकाल मिलने की सूचना के बाद मृतक का भाई मौके पर पहुंचा और कंकाल के पास मिले मोबाइल फोन व जूतों के आधार पर अपने भाई की पहचान की। पहचान होते ही परिवार में मातम पसर गया और मौके पर भावुक माहौल बन गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कंकाल को आगे की जांच के लिए नाहन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है, जहां आज डीएनए जांच करवाई जाएगी, ताकि कानूनी तौर पर पहचान की पुष्टि हो सके। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और मृत्यु का वास्तविक कारण क्या है।
इस घटना के बाद पूरे संगड़ाह क्षेत्र में शोक और भय का माहौल है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।