हिमाचल

5 साल में 9 बार दी परीक्षा फिर भी पास नहीं हुए 10वीं 12वीं के 80 छात्र

एक ओर हिमाचल प्रदेश के कई छात्र कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर देश-दुनिया में अपना नाम रोशन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ विद्यार्थी ऐसे भी हैं, जिनकी पढ़ाई के प्रति लापरवाही उनके भविष्य पर भारी पड़ रही है।

हिमाचल प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) के 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम के बाद एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बोर्ड के अनुसार, एसओएस प्रणाली के तहत पढ़ रहे 80 ऐसे छात्र हैं, जो पिछले पांच वर्षों में 9 बार परीक्षा देने के बावजूद भी सफल नहीं हो पाए

जानकारी के मुताबिक, इन छात्रों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा बीते पांच सालों में कुल नौ अवसर दिए गए थे। इनमें 10वीं कक्षा के 46 और 12वीं कक्षा के 34 छात्र शामिल हैं, लेकिन हर बार परिणाम असफल ही रहा। बोर्ड की ओर से अंतिम अवसर सितंबर 2025 की परीक्षा में दिया गया था, जिसमें भी ये छात्र पास नहीं हो सके।

अब इन विद्यार्थियों के सामने एकमात्र विकल्प यह है कि वे दोबारा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित एसओएस प्रणाली के तहत नया पंजीकरण करवाएं। नए पंजीकरण के बाद ही वे आगामी परीक्षाओं में बैठ सकेंगे और नियमों के अनुसार उन्हें फिर से निर्धारित अवसर मिलेंगे।

इस बारे में जानकारी देते हुए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि 23 दिसंबर को घोषित एसओएस परीक्षा परिणाम में यह स्थिति सामने आई है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की ओर से विद्यार्थियों को पर्याप्त अवसर दिए गए, लेकिन वे उत्तीर्ण नहीं हो सके, इसलिए अब दोबारा पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।

शिक्षाविदों का मानना है कि यह मामला न केवल विद्यार्थियों बल्कि अभिभावकों के लिए भी आत्ममंथन का विषय है। जहां कई छात्र सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम से सफलता हासिल कर रहे हैं, वहीं कुछ छात्र बार-बार अवसर मिलने के बाद भी पढ़ाई को गंभीरता से नहीं लेते।

यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि शिक्षा में अवसर अहम होते हैं, लेकिन सफलता की असली कुंजी निरंतर मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदारी ही है

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