हिमाचल

नशा,पर्यावरण और आपदा प्रबंधन पर जागरूकता का संदेश ज्वाली में मेगा विधिक शिविर आयोजित

नशा,पर्यावरण और आपदा प्रबंधन पर जागरूकता का संदेश ज्वाली में मेगा विधिक शिविर आयोजित

ज्वाली,उपमंडल विधिक साक्षरता समिति, ज्वाली द्वारा विकास खंड ज्वाली के लब स्थित शिव शंकर पैलेस में मेगा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र शर्मा ने की, जबकि सिविल जज-सह- न्यायिक मजिस्ट्रेट शशि कांत विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विधिक साक्षरता के माध्यम से समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय, विधिक सहायता एवं विधिक सुरक्षा की जानकारी पहुंचाई जा रही है, ताकि सभी नागरिक गरिमापूर्ण और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े नशा मुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि समाज में चिट्टे जैसे नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है और इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। नूरपुर पुलिस जिला पंजाब की सीमा से सटा हुआ बॉर्डर एरिया है, जिसके कारण क्षेत्र में चिट्टे जैसे नशे की गंभीर समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि नशा समाज को खोखला करता है और समय की मांग है कि इसके उन्मूलन के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाए।
जितेंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त समाज की जिम्मेदारी केवल पुलिस या स्वास्थ्य विभाग की नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसके खिलाफ सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि आय के साधन न होने के कारण कुछ युवा नशे की पूर्ति के लिए चोरी, लूट एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि नूरपुर जिला में नशे से संबंधित लगभग एक हजार मामले लंबित हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं।
उन्होंने कम उम्र के बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि सोच-समझकर दोस्ती करनी चाहिए, क्योंकि बुरी संगत बच्चों को नशे की ओर धकेलती है। उन्होंने चेताया कि चिट्टे जैसा नशा केवल एक बार सेवन करने से ही लत का रूप ले लेता है। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को समय देने और उनकी दैनिक गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं और सभी को नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
इस अवसर पर सिविल जज शशि कांत ने उपस्थित लोगों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों तथा निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
एसडीएम नरेंद्र जरियाल ने आपदा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित लोगों को जागरूक किया तथा प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की जानकारी दी। शिविर में विधिक सेवा समिति ज्वाली से आए अधिवक्ताओं ने नशे के विरुद्ध, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन विषयों पर जागरूकता फैलाई। वहीं डीएसपी वीरी सिंह ने चिट्टा, अवैध खनन, साइबर अपराध तथा यातायात नियमों के पालन को लेकर लोगों को जागरूक किया।
शिविर के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा नशे के विरुद्ध भाषण एवं नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा।
इस अवसर पर एसडीएम नरेंद्र जरियाल, जिला न्यायवादी रवि कुमार, ज्वाली बार असोसिएशन की प्रधान अधिवक्ता नीतू बलौरिया, फतेहपुर बार असोसिएशन के प्रधान अधिवक्ता सुरेंद्र पठानिया,राज्य एससी आयोज के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा ,डीएसपी बीरी सिंह,बीडीओ ज्वाली मनोज शर्मा ,बीडीओ फतेहपुर सुभाष अत्रि,एसएचओ पवन गुप्ता पंचायत प्रतिनिधि,विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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