विदेश में नौकरी का झांसा म्यांमार में साइबर अपराध के जाल में फंसा हिमाचल का युवक
विदेश में नौकरी का झांसा, म्यांमार में साइबर अपराध के जाल में फंसा हिमाचल का युवक
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और मानव तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। बेहतर कमाई का सपना दिखाकर एक युवक को पहले थाईलैंड भेजा गया और फिर अवैध तरीके से म्यांमार पहुंचाकर उसे जबरन साइबर अपराध में धकेल दिया गया। भारतीय दूतावास की मदद से युवक की सुरक्षित भारत वापसी हो सकी है।
एजेंट के झांसे में आया युवक
जानकारी के अनुसार सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के कांड़ो गांव निवासी युवक से एक एजेंट ने लगातार संपर्क किया। एजेंट ने विदेश में अच्छी नौकरी और मोटी तनख्वाह का लालच दिया। युवक उसकी बातों में आ गया और करीब 70 हजार रुपये एजेंट को दे दिए। इसके बाद उसे थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक भेजा गया।
थाईलैंड से म्यांमार तक अवैध सफर
थाईलैंड पहुंचने के बाद युवक को सच्चाई का पता चला। उसे और अन्य युवकों को सीमावर्ती इलाके में ले जाया गया, जहां जंगलों और दुर्गम रास्तों से अवैध रूप से म्यांमार की सीमा पार करवाई गई। इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी तरह की कानूनी औपचारिकता नहीं अपनाई गई।
जबरन साइबर अपराध करवाने का आरोप
म्यांमार पहुंचने के बाद युवक को एक कंपनी में जबरन काम पर लगा दिया गया। आरोप है कि वहां उससे साइबर ठगी से जुड़े काम करवाए जाते थे। युवक की फर्जी महिला पहचान बनाई गई और उससे अमेरिका सहित अन्य देशों के लोगों से चैट करवाई जाती थी। इतना ही नहीं, एआई तकनीक के जरिए अश्लील लाइव वीडियो कॉल करने के लिए भी उसे मजबूर किया गया।
भारत लौटने की कोशिश पर दी गई धमकी
जब युवक ने इस अवैध काम से इंकार किया और भारत लौटने की इच्छा जताई, तो उससे भारी रकम की मांग की गई। कुछ समय बाद थाईलैंड की सेना ने उसे रेस्क्यू किया, लेकिन अवैध सीमा पार करने के आरोप में उसे आठ दिन तक जेल में भी रहना पड़ा।
भारतीय दूतावास की मदद से वापसी
आखिरकार 10 नवंबर 2025 को भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से युवक को सुरक्षित भारत लाया गया। भारत लौटने के बाद पीड़ित ने शिलाई थाना में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसपी की लोगों से अपील
एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने लोगों से अपील की है कि विदेश में अधिक कमाई के लालच में किसी अनजान या संदिग्ध एजेंट के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि व्यक्ति की जान और भविष्य भी गंभीर खतरे में पड़ सकता है।