हिमाचल: मां ने डांटा तो 20 वर्षीय बेटे ने खड्ड में लगा दी छलांग
कभी-कभी घर की छोटी-सी बात भी ऐसा गहरा घाव दे जाती है, जो पूरी जिंदगी नहीं भरता। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां मां की मामूली डांट और बेटे के पलभर के गुस्से ने पूरे परिवार को उजाड़ कर रख दिया। 20 वर्षीय युवक ने खड्ड में छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली, जिससे माता-पिता ने अपना इकलौता बेटा खो दिया और घर में मातम पसरा हुआ है।
यह दर्दनाक घटना चंबा शहर के जनसाली मोहल्ले की है। जानकारी के अनुसार युवक बुधवार रात घर लौटा था। उस समय घर में बिजली का मीटर खराब होने के कारण अंधेरा था। देर से आने को लेकर मां ने बेटे को टोका, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह साधारण-सी बातचीत इतनी भयावह परिणति तक पहुंच जाएगी। मां की डांट से आहत होकर युवक घर से बाहर निकल गया और कुछ ही देर बाद पास ही स्थित साल खड्ड पर बने पुल से छलांग लगा दी।
घटना के समय वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने युवक को खड्ड में कूदते देखा और तुरंत इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस, अग्निशमन विभाग, परिजन और स्थानीय लोग रातभर युवक की तलाश में जुटे रहे। खड्ड से लेकर रावी नदी तक सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा और तेज बहाव खोज कार्य में बाधा बना रहा।
कई घंटों की मशक्कत के बाद वीरवार सुबह युवक का शव खड्ड से बरामद किया गया। पुलिस ने शव को मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। जैसे ही सफेद कफन में लिपटा शव घर पहुंचा, माहौल चीख-पुकार में बदल गया।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि युवक द्वारा खड्ड में छलांग लगाने का मामला सामने आया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
इकलौते बेटे का शव देखते ही मां और बहनें खुद को संभाल नहीं पाईं और बार-बार बेसुध होती रहीं। घर में मौजूद महिलाएं उन्हें ढांढस बंधाने का प्रयास करती रहीं, लेकिन हर आंख नम थी। बूढ़ी नानी अपने नाती को खोने के गम में सिर पीटती नजर आईं। यह मंजर देखकर हर किसी का दिल भर आया।
बताया जा रहा है कि युवक अपने परिवार में सबसे छोटा था और उसकी तीन बड़ी बहनें हैं। पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। कुछ महीने पहले ही युवक ने सरोल क्षेत्र में एक निजी दुकान में काम शुरू किया था। परिवार को उससे कई उम्मीदें थीं, जो इस हादसे के साथ हमेशा के लिए अधूरी रह गईं।