हिमाचल प्रदेश में जमीन विवाद ने ली जान
हिमाचल प्रदेश में जमीन विवाद ने ली जान, भतीजे ने पत्नी संग मिलकर ताया को पीट-पीटकर मार डाला
हिमाचल प्रदेश की देवभूमि में आपसी विवाद अब खतरनाक रूप लेते जा रहे हैं। शांत माने जाने वाले पहाड़ी राज्य में जमीन के झगड़े अब खून-खराबे में तब्दील हो रहे हैं। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब से सामने आया मामला इसी भयावह सच्चाई को उजागर करता है, जहां मामूली बहस ने एक बुजुर्ग की जान ले ली।
जमीन विवाद में रिश्तों का कत्ल
पांवटा साहिब क्षेत्र में जमीन को लेकर हुए विवाद में एक भतीजे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर अपने ही ताया की बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल ताया ने इलाज के दौरान PGI चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया।
वन भूमि निकली विवाद की जड़
पुलिस जांच और अदालत में पेश चार्जशीट के अनुसार, जिस जमीन को लेकर यह खूनी संघर्ष हुआ, वह किसी की निजी संपत्ति नहीं बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में वन विभाग की भूमि दर्ज है। हैरानी की बात यह है कि इसी जमीन के विवाद ने एक पूरे परिवार को तबाह कर दिया।
23 जनवरी को हुआ था हमला
पीड़िता कलावती पत्नी भूरा राम निवासी गांव खारा ने पांवटा साहिब थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, 22 जनवरी को जब वह पशुशाला में मौजूद थी, तभी उसके देवर का बेटा सोमचंद और उसकी पत्नी नेहा वहां पहुंचे और बहसबाजी शुरू कर दी।
कुछ देर बाद जब कलावती के पति भूरा राम मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन पर लात-घूंसों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान हुई मौत
घायल भूरा राम को पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर नाहन और फिर PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया। करीब 23 दिनों तक इलाज चलने के बाद 15 फरवरी को उनकी मौत हो गई।
आरोपी गिरफ्तार, जमानत याचिका खारिज
पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपी ने अदालत से जमानत की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। अदालत का कहना है कि इस तरह के गंभीर अपराध में जमानत देने से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
देवभूमि में बढ़ते अपराध चिंता का विषय
यह घटना हिमाचल प्रदेश में बढ़ते आपसी विवादों और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों का खून बहाया जा रहा है।