हिमाचल में हाई बीम लाइट जलाना पड़ेगा भारी
हिमाचल में हाई बीम लाइट जलाना पड़ेगा भारी, कटेगा चालान और सस्पेंड हो सकता है लाइसेंस
हिमाचल प्रदेश में अब रात के समय वाहन चलाते हुए हाई बीम लाइट का गलत इस्तेमाल करना वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। प्रदेश पुलिस ने इस पर सख्ती करने का फैसला लिया है। हाई बीम लाइट के दुरुपयोग को अब डेंजरस ड्राइविंग की श्रेणी में रखा जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, रात के समय कई वाहन चालक बिना सोचे-समझे तेज हाई बीम लाइट जला देते हैं। इससे सामने से आने वाले ड्राइवर की आंखें चौंधिया जाती हैं और कुछ पलों के लिए उसे सड़क दिखाई देना बंद हो जाता है। यही लापरवाही कई बार गंभीर सड़क हादसों की वजह बन जाती है।
पहाड़ी इलाकों में हाई बीम बेहद खतरनाक
पुलिस विभाग का कहना है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में, जहां सड़कें संकरी और घुमावदार होती हैं, वहां हाई बीम लाइट का इस्तेमाल और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। अचानक तेज रोशनी पड़ने से वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे टक्कर या खाई में गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
चालान के साथ लाइसेंस भी हो सकता है सस्पेंड
प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं कि ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हाई बीम के गलत इस्तेमाल पर विशेष नजर रखी जाए। नियम तोड़ने पर 1,000 से 5,000 रुपये तक जुर्माना, ड्राइविंग लाइसेंस का निलंबन और बार-बार उल्लंघन की स्थिति में और भी सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।
DGP का सख्त संदेश
प्रदेश पुलिस के डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि हाई बीम लाइट का गलत इस्तेमाल सीधे तौर पर डेंजरस ड्राइविंग है, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान को गंभीर खतरा होता है। उन्होंने साफ कहा कि अब ऐसे मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
लो बीम अपनाने की अपील
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात के समय हमेशा लो बीम लाइट का इस्तेमाल करें। इससे सड़क भी साफ दिखाई देती है और सामने से आने वाले वाहन चालकों को परेशानी नहीं होती। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर सड़क हादसों में बड़ी कमी लाई जा सकती है।