पत्नी से झगड़े के बाद पति ने दे दी जा*न..
Himachal Pradesh के Mandi district से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। उपमंडल Dharampur के गांव कुम्हारढा में एक मामूली पारिवारिक विवाद ने एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए बिखेर दिया।
पत्नी से कहासुनी के बाद युवक ने उठाया आत्मघाती कदम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय धीरज कुमार का बीती रात अपनी पत्नी के साथ किसी घरेलू बात को लेकर सामान्य विवाद हो गया था। परिजनों का कहना है कि यह रोजमर्रा की मामूली कहासुनी थी, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि बात इतनी गंभीर हो जाएगी।
विवाद के बाद धीरज बिना खाना खाए अपने कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी मां जब खाना देने के लिए कमरे के बाहर पहुंचीं तो दरवाजा बंद मिला। काफी आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। आशंका होने पर परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा।
दरवाजा खुलते ही अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। युवक फंदे से लटका हुआ था। परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
छह दिन पहले ही बना था पिता
इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। धीरज कुमार मात्र छह दिन पहले ही एक बेटी का पिता बना था। कुछ दिन पहले जिस घर में नवजात बच्ची के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, आज वहां मातम पसरा हुआ है। मासूम बच्ची के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
पुलिस कर रही जांच
घटना की सूचना मिलते ही Himachal Pradesh Police की टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकाघाट अस्पताल भेजा गया। डीएसपी धर्मपुर ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
भावनात्मक तनाव पर सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी पारिवारिक बातों को गंभीर रूप देने से ऐसे हादसे सामने आ रहे हैं, जो परिवारों को हमेशा के लिए तोड़ देते हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्षणिक आवेश और भावनात्मक तनाव किस तरह एक परिवार की खुशियां छीन सकता है।
यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो चुप न रहें। परिवार, दोस्तों या किसी विशेषज्ञ से बात करना बेहद जरूरी है। समय रहते संवाद कई अनहोनी घटनाओं को रोक सकता है।