बिलासपुर में पॉलिटेक्निक छात्र की संदिग्ध मौत किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला शव
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। झंडूता उपमंडल के कलोल क्षेत्र में किराये के कमरे में रह रहे एक पॉलिटेक्निक छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
मृतक छात्र पॉलिटेक्निक कॉलेज कलोल में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छठे सेमेस्टर का छात्र था और पढ़ाई के सिलसिले में कलोल में किराये के मकान में रह रहा था।
कमरे में लटका मिला शव
जानकारी के अनुसार मकान मालिक सुभाष चंद पुत्र जसवंत सिंह, निवासी कलोल ने थाना झंडूता पुलिस को सूचना दी कि उनके मकान में रह रहा छात्र अपने कमरे में मृत अवस्था में पाया गया है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी झंडूता पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने मौके पर पाया कि छात्र के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। कमरे के अंदर युवक का शव छत के पंखे के लोहे के कुंडे से चादर के सहारे लटका हुआ था। शव के नीचे एक प्लास्टिक की कुर्सी भी रखी हुई थी, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
मृतक की पहचान 19 वर्षीय गौरव के रूप में हुई है, जो कच्छेहरा, जिला कांगड़ा का रहने वाला था। गौरव की असमय मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं।
शुरुआती जांच में नहीं मिले चोट के निशान
पुलिस ने मौके की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई तथा फॉरेंसिक प्रक्रिया अपनाते हुए शव को नीचे उतारा। प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए।
पुलिस ने मकान मालिक, आसपास के लोगों, गवाहों और मृतक के पिता से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान किसी ने भी किसी तरह के विवाद या संदेह की बात नहीं बताई। वहीं, कमरे की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ, जिससे आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल घुमारवीं भेज दिया है। फिलहाल थाना तलाई में धारा 194 बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
मामले की पुष्टि करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। छात्र के मानसिक तनाव, पारिवारिक कारण, पढ़ाई से जुड़े दबाव या अन्य संभावित कारणों की भी गहनता से जांच की जा रही है।
घटना के बाद से क्षेत्र में शोक का माहौल है। गौरव के सहपाठी और स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं।