हिमाचल में शिवरात्रि पर मातम: झंडा चढ़ाते करंट की चपेट में आए 3 युवक
हिमाचल प्रदेश में शिवरात्रि के पावन अवसर पर जहां एक ओर गांव-गांव में भक्ति और उल्लास का माहौल था, वहीं सोलन जिले के नालागढ़ क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। धार्मिक आयोजन के बीच हुई एक चूक ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
मामला नालागढ़ क्षेत्र की बैरछा पंचायत के खनोवा गांव का है। रविवार को नगर खेड़ा स्थापना दिवस के अवसर पर गांव में भंडारे और झंडा चढ़ाने की रस्म चल रही थी। श्रद्धालु पुराने झंडे को उतारकर नया ध्वज स्थापित करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान एक लंबी लोहे की पाइप के सहारे झंडा बदलने का प्रयास किया जा रहा था।
अचानक पाइप ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन से छू गई। देखते ही देखते तेज करंट पाइप में दौड़ गया और पास खड़े तीन लोग उसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट इतना तेज था कि तीनों युवक मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।
घायलों की पहचान हरि सिंह (45) पुत्र माड़ू राम, हरि सिंह पुत्र लेखराज और अवतार सिंह पुत्र मेहर चंद के रूप में हुई है। तीनों को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया। हरि सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें बिलासपुर स्थित एम्स रेफर किया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शिवरात्रि के दिन जहां लोग भगवान शिव से सुख-समृद्धि की कामना कर रहे थे, वहीं हरि सिंह के घर में मातम छा गया। परिवार ने अपना सहारा खो दिया। पत्नी, बच्चे और बुजुर्ग परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव में भी शोक की लहर है।
दो अन्य युवक अभी भी गंभीर हालत में उपचाराधीन हैं।
एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ अस्पताल लाया जा रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण हाई टेंशन लाइन से लोहे की पाइप का संपर्क माना जा रहा है।
यह घटना एक कड़वी सीख छोड़ गई है—धार्मिक आयोजनों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। शिवरात्रि के पावन दिन खनोवा गांव में जहां श्रद्धा के दीप जल रहे थे, वहीं एक घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया।