कुल्लू में नाबालिग की आत्महत्या सोशल मीडिया से जुड़े भावनात्मक दबाव पर उठे सवाल
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। भुंतर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शामशी इलाके में 15 वर्षीय नाबालिग लड़के ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाबालिग बीते कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी एक विदेशी लड़की से दोस्ती हुई थी। बातचीत अचानक बंद हो जाने के बाद वह अंदर ही अंदर परेशान रहने लगा।
किराए के कमरे में मिला शव
पुलिस को सूचना मिली कि शामशी में एक किराए के कमरे में नाबालिग ने फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कमरे को सील कर जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भी प्रकार के संघर्ष या चोट के निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
मृतक अपनी बड़ी बहन के साथ रह रहा था, जबकि उसके माता-पिता निजी कार्य से उस समय पश्चिम बंगाल गए हुए थे।
मफलर से बनाया फंदा
मृतक की पहचान कौशिक राय (15 वर्ष) पुत्र रतन कुमार, निवासी दक्षिण झलारा बंदानी, जिला जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, कौशिक ने कमरे में मफलर से फंदा बनाकर आत्महत्या की।
परिजनों के मुताबिक, कौशिक ऑनलाइन गेमिंग का शौकीन था। इसी दौरान उसकी दोस्ती इंडोनेशिया की एक लड़की से हुई थी। दोनों इंस्टाग्राम पर नियमित बातचीत करते थे और साथ में ऑनलाइन गेम भी खेलते थे। पिछले कुछ दिनों से जब बातचीत बंद हुई, तो कौशिक चुप रहने लगा और मानसिक रूप से परेशान नजर आने लगा।
पुलिस जांच जारी
कुल्लू पुलिस ने कमरे से मोबाइल फोन समेत अन्य अहम साक्ष्य जब्त किए हैं। परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नाबालिग किस मानसिक स्थिति से गुजर रहा था।
अभिभावकों से पुलिस की अपील
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एसपी कुल्लू मदन लाल कौशल ने कहा कि आज के समय में बच्चे और किशोर सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर काफी समय बिता रहे हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उनसे खुलकर संवाद करें।
उन्होंने कहा कि समय रहते बातचीत और भावनात्मक सहयोग कई बार बड़ी अनहोनी को टाल सकता है।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना समाज और विशेष रूप से अभिभावकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि डिजिटल रिश्तों का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। संवाद की कमी और मानसिक दबाव खतरनाक साबित हो सकता है।
यदि आप या आपके आसपास कोई व्यक्ति मानसिक तनाव से जूझ रहा है, तो सहायता लेना बेहद जरूरी है।
भारत सरकार की मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन किरण – 9152987821 या आपात स्थिति में 112 पर संपर्क किया जा सकता है।