वीरभूमि हिमाचल ने खोया एक और सपूत नायक अतुल शर्मा पंचतत्व में विलीन
देवभूमि हिमाचल प्रदेश, जो सदैव देशभक्ति, त्याग और बलिदान की मिसाल रहा है, ने एक बार फिर अपना एक होनहार सपूत खो दिया है। बरठीं क्षेत्र के वीर जवान नायक अतुल शर्मा की असमय शहादत से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
गुरुवार को बरठीं क्षेत्र में भारतीय सेना के जवान नायक अतुल शर्मा को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। मां की चीत्कार, पिता की नम आंखें और परिजनों का टूटता हौसला हर किसी को भावुक कर गया।
आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने नायक अतुल शर्मा को अंतिम सलामी दी। इस दौरान “अतुल शर्मा अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
जानकारी के अनुसार, नायक अतुल शर्मा भारतीय सेना की 16 मीडियम आर्टिलरी रेजिमेंट में सेवाएं दे रहे थे। बुधवार शाम उनका निधन हो गया। मात्र 25 वर्ष की उम्र में उनका इस तरह जाना न केवल परिवार बल्कि पूरे बरठीं क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
अतुल शर्मा एक साधारण परिवार से थे, लेकिन उनके सपने असाधारण थे। बचपन से ही देश सेवा का जज्बा उनके भीतर था। गांव में छुट्टी के दौरान वे युवाओं को सेना में भर्ती होने और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते थे। वे मिलनसार, अनुशासित और मेहनती स्वभाव के थे।
अंतिम विदाई में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों का कहना है कि बरठीं क्षेत्र ने अपना एक लाल खो दिया है, लेकिन देश ने एक ऐसा जवान खोया है जिसने अपना संपूर्ण जीवन मातृभूमि के नाम कर दिया। नायक अतुल शर्मा का बलिदान सदैव लोगों के दिलों में अमर रहेगा।