सुबह-सवेरे गहरी खाई में गिरी HRTC बस उड़े परखच्चे- ब्रेक अटकने से लुढ़की
हिमाचल प्रदेश में सरकारी बसों की हालत एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। लगातार सामने आ रहे हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि लोग आज भी जोखिम भरा सफर करने को मजबूर हैं।
एक और बड़ा हादसा टला
ताजा मामला मंडी जिला से सामने आया है, जहां एचआरटीसी (HRTC) की एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
जानकारी के अनुसार, जोगेंद्रनगर डिपो की जोगेंद्रनगर–कुन्नू–कुफरी वाया बटाहर रूट पर चलने वाली बस बुधवार सुबह करीब 6:20 बजे बटाहर गांव के पास खड़ी थी। चालक बस को स्टार्ट करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बस स्टार्ट नहीं हो रही थी।

इसी दौरान अचानक बस के ब्रेक जाम हो गए और बस अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि बस के परखच्चे उड़ गए। चालक ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली।
बड़ा हादसा होने से टला
सबसे राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बस में कोई भी यात्री सवार नहीं था। परिचालक भी बस के बाहर मौजूद था। अगर बस में यात्री होते, तो यह हादसा बेहद गंभीर रूप ले सकता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय इस रूट पर आमतौर पर बस में यात्री रहते हैं, लेकिन संयोग से उस वक्त बस खाली थी, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
मौके पर मचा हड़कंप
बस के खाई में गिरते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और प्रशासन को सूचना दी। कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
जांच के घेरे में बस की हालत
हादसे के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती तौर पर ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। अब यह जांच का विषय है कि बस पहले से तकनीकी रूप से खराब थी या रखरखाव में लापरवाही बरती गई।
पधर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, HRTC के अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर बस की तकनीकी जांच करेंगे और मेंटेनेंस से जुड़े पहलुओं की पड़ताल करेंगे।
फिर उठे सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में चल रही पुरानी और जर्जर बसों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई बसें अपनी निर्धारित उम्र पूरी करने के बावजूद सड़कों पर दौड़ रही हैं।
स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि सरकार और परिवहन निगम को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देना होगा, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
फिलहाल प्रशासन की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।