बिलासपुर का बेटा हार्दिक शर्मा NDA में ऑल इंडिया 85वीं रैंक के साथ चयनित
बिलासपुर का बेटा हार्दिक शर्मा NDA में ऑल इंडिया 85वीं रैंक के साथ चयनित, गांव में जश्न का माहौल
कुछ सपनों की उड़ान आसमान से भी ऊंची होती है—और जब जुनून हौसलों से मिलता है, तो सफलता एक नई पहचान बन जाती है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के पंजगाईं गांव के युवा हार्दिक शर्मा की कहानी इस बात की सच्ची मिसाल है। हार्दिक ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की कठिन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 85वीं रैंक हासिल की है, और एयरफोर्स कैडेट के रूप में उनका चयन गांव के लिए गर्व का बड़ा क्षण बन गया है।
गांव में उत्सव जैसा माहौल
हार्दिक की सफलता की खबर मिलते ही पंजगाईं, औहर और आसपास के गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। युवा इसे अपनी प्रेरणा बताते हुए कह रहे हैं कि हार्दिक ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
पीढ़ियों से देश सेवा की विरासत
हार्दिक के परिवार का भारतीय सेना से पुराना और गौरवशाली नाता है। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल अमित शर्मा, जो सेना से सेवा-मुक्त होने के बाद समाजसेवा में सक्रिय हैं, हार्दिक की सबसे बड़ी प्रेरणा रहे हैं। अनुशासन और देशभक्ति से भरे परिवारिक माहौल ने बचपन से ही हार्दिक के मन में सैनिक जीवन का सपना बो दिया था।
हार्दिक की प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूलों में हुई, जहां उन्होंने नेतृत्व, अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ सीखा। यही संस्कार और तैयारी उन्हें NDA तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हुए।
परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं
हार्दिक की शानदार उपलब्धि पर सबसे अधिक खुश उनके पिता, परिवार और रिश्तेदार हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल अमित शर्मा के परिजनों ने कहा कि हार्दिक की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मजबूत लक्ष्य, निष्ठा और निरंतर मेहनत किसी भी मंज़िल को हासिल कर सकती है।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
आज के समय में जब युवा अनेक विकल्पों और चुनौतियों के बीच दिशा तलाशते हैं, हार्दिक शर्मा जैसे युवाओं की सफलता उनके लिए एक नई रोशनी लेकर आती है। उनकी उपलब्धि संदेश देती है कि—
“लक्ष्य बड़ा हो, तो मेहनत भी बड़ी ही करनी पड़ती है।”
हार्दिक का NDA में चयन और वह भी उत्कृष्ट रैंक के साथ—यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में वे न केवल अपने परिवार और गांव का, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे।