अंतरराष्ट्रीय विवाद के बीच हिमाचल का युवक अमेरिकी हिरासत में
अंतरराष्ट्रीय विवाद के बीच हिमाचल का युवक अमेरिकी हिरासत में
रूस के ऑयल टैंकर की जब्ती के बाद तीन भारतीय नागरिक बंदी
कांगड़ा/शिमला।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के एक युवक को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के सिद्धपुर गांव निवासी आशीष, रूस के एक ऑयल टैंकर जहाज पर क्रू मेंबर के रूप में कार्यरत था। यह जहाज हाल ही में अमेरिका द्वारा उत्तरी अटलांटिक महासागर में जब्त कर लिया गया।
इस कार्रवाई के दौरान जहाज पर मौजूद 28 क्रू मेंबर्स को हिरासत में लिया गया, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। आशीष के अलावा एक भारतीय केरल और एक गोवा से बताया जा रहा है।
शादी की खुशियों के बीच परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आशीष की हिरासत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम छा गया। आशीष के पिता ने बताया कि उनके बड़े बेटे की शादी 15 फरवरी 2026 को तय है और आशीष अगले महीने छुट्टी लेकर घर आने वाला था।
आशीष अप्रैल 2025 से रूस में मर्चेंट नेवी के तहत कार्यरत था और एक रूसी ऑयल टैंकर में क्रू मेंबर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा था।
7 जनवरी को आया था आखिरी फोन
आशीष के पिता के अनुसार 7 जनवरी को बेटे का फोन आया था। आशीष ने उन्हें कहा था कि अगले एक महीने तक फोन बंद रहेगा और चिंता न करें। परिजनों का मानना है कि उस समय आशीष को जहाज रोके जाने और हिरासत की आशंका हो चुकी थी।
बाद में परिवार को जानकारी मिली कि अमेरिकी हिरासत में लिए गए तीन भारतीयों में उनका बेटा भी शामिल है। इस खबर के बाद से परिवार गहरे तनाव में है। गांव और आसपास के इलाकों में लोग आशीष की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
आशीष के पिता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित राज्य और केंद्र सरकार से भावुक अपील की है कि इस मामले में तुरंत कूटनीतिक हस्तक्षेप किया जाए। उनका कहना है कि आशीष एक साधारण परिवार से है और रोज़गार के लिए विदेश गया था।
परिवार को उम्मीद है कि भारत सरकार जल्द प्रयास कर आशीष और अन्य भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाएगी।
किन देशों के नागरिक हिरासत में
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा के अनुसार, जहाज पर मौजूद दो रूसी नागरिकों को रूस के अनुरोध पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन तीन भारतीय नागरिक अब भी अमेरिकी हिरासत में हैं।
जहाज पर सवार नागरिकों में
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17 यूक्रेनी
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6 जॉर्जियाई
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3 भारतीय
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2 रूसी शामिल थे।
अमेरिका और रूस के दावे आमने-सामने
अमेरिका का दावा है कि यह जहाज रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था और वेनेजुएला से तेल ले जाकर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था।
वहीं रूस ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया है और कहा है कि खुले समुद्र में किसी देश का अधिकार क्षेत्र नहीं होता।
फिलहाल भारतीय नागरिकों की रिहाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और परिजन सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।