देवभूमि ने खोया एक और कर्मठ सारथी HRTC चालक दिनेश कुमार शर्मा का निधन
देवभूमि हिमाचल ने एक और जिम्मेदार और कर्मठ सारथी को खो दिया है। HRTC के चालक दिनेश कुमार शर्मा जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई हार गए। बीते पांच दिनों से PGI चंडीगढ़ में मौत से जूझ रहे दिनेश ने रविवार देर रात करीब 2 बजे अंतिम सांस ली।
जिंदगी का आखिरी सफर बन गया कर्तव्य पथ
3 फरवरी की सुबह बिल्कुल सामान्य दिनों की तरह थी। चौपाल-नेरवा से पांवटा साहिब के लिए रवाना हुई HRTC की बस HP-66A-2588 में 36 यात्री सवार थे। सभी यात्रियों को अपने अनुभवी चालक दिनेश कुमार शर्मा पर पूरा भरोसा था कि वे उन्हें सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाएंगे। लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि यह सफर दिनेश की जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
उत्तराखंड के कवानू क्षेत्र के पास अचानक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। पलभर में हंसी-खुशी का सफर चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया। हादसे में कई यात्री घायल हो गए, जबकि चालक दिनेश कुमार को सीने में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खुद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दिनेश की पहली चिंता यात्रियों की सलामती को लेकर थी।
PGI चंडीगढ़ में टूटी उम्मीद
हादसे के बाद दिनेश को पहले विकासनगर और फिर गंभीर हालत में PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया। बीते पांच दिनों तक परिवार, सहकर्मी और पूरा नेरवा क्षेत्र उनकी सलामती के लिए दुआ करता रहा। शनिवार तक उनकी हालत में हल्का सुधार भी देखा गया, जिससे उम्मीद जगी कि वे इस जंग को जीत लेंगे।
लेकिन रविवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई और करीब 2 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
नेरवा में शोक की लहर
दिनेश कुमार शर्मा के निधन की सूचना जैसे ही नेरवा और आसपास के क्षेत्रों में पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। आज जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव नेरवा पहुंचेगा, तो वहां बसों की आवाज नहीं, बल्कि सिसकियों और आंसुओं की गूंज सुनाई देगी।
HRTC चालक-परिचालक एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नवीन ठाकुर ने बताया कि पार्थिव शरीर को गांव पहुंचाने की सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। दिनेश का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निगम ने एक अनुभवी, कर्तव्यनिष्ठ और जिम्मेदार चालक खो दिया है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
शांत स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठता की मिसाल
सहकर्मियों के अनुसार दिनेश कुमार शर्मा अपने शांत स्वभाव, अनुशासन और यात्रियों के प्रति जिम्मेदारी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने वर्षों तक HRTC में सेवा दी और हर सफर को अपना कर्तव्य मानकर निभाया। उनकी असमय मौत न केवल परिवार, बल्कि पूरे परिवहन विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है।
हादसे में अब तक चार की मौत
गौरतलब है कि 3 फरवरी को कवानू क्षेत्र के पास नेरवा-पांवटा साहिब मार्ग पर HRTC की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में बस के परखच्चे उड़ गए थे। इस दुर्घटना में दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि चालक सहित 28 यात्री घायल हुए थे। अब घायल चालक दिनेश कुमार शर्मा की भी मौत हो जाने से मृतकों की संख्या चार हो गई है।
हादसे में जान गंवाने वाले
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रिचा चौहान (33), पत्नी वीरेंद्र चौहान, निवासी नेरवा
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यास्मीन बेगम (46), पत्नी नेक मोहम्मद, निवासी नेरवा
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धन बहादुर, निवासी नेरवा
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दिनेश कुमार शर्मा (HRTC बस चालक)