हिमाचल

हिमाचल में बढ़ी LPG की मांग आपूर्ति व्यवस्था संभालने के लिए विभाग ने उठाए विशेष कदम

 

हिमाचल प्रदेश में इन दिनों LPG सिलेंडरों की मांग लगातार बढ़ रही है। बढ़ती जरूरत को देखते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने गैस वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए कई विशेष कदम उठाए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को व्यावसायिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर जारी रखी जाएगी, ताकि आवश्यक सेवाओं में किसी तरह की बाधा न आए।

जिला सोलन के नियंत्रक खाद्य आपूर्ति सरवण कुमार के अनुसार वर्तमान में जिले में कुल 7239 घरेलू LPG सिलेंडर उपलब्ध हैं। गुरुवार को आठ वाहनों के माध्यम से लगभग 3000 गैस सिलेंडर जिले में पहुंचे, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को कुछ राहत मिली है और एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि जिले में प्रतिदिन लगभग 3500 LPG सिलेंडरों की मांग रहती है। मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विभाग लगातार गैस कंपनियों के साथ समन्वय कर रहा है, ताकि किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी न हो। साथ ही गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराएं। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

इस बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कमी नहीं है, इसलिए घबराकर अनावश्यक भंडारण न करें। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप और उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने कहा कि सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है और प्रशासन हालात पर पूरी तरह नजर रखे हुए है। गुरुवार को उपायुक्त शिमला ने सभी एसडीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा भी की।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले व्यावसायिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल सीमित रखी गई है। प्राथमिकता के आधार पर यह सिलेंडर केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को दिए जा रहे हैं, जबकि अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे प्रतिष्ठानों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मिट्टी के तेल या कोयले की मांग जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, शिमला के कार्यालय में दर्ज करवा सकते हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।

प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी रहे और आम उपभोक्ताओं तथा आवश्यक संस्थानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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