शिमला में 12वीं के छात्र ने की आत्महत्या परीक्षा परिणाम के बाद था तनाव में
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां एक 12वीं कक्षा के छात्र ने कथित तौर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पुलिस के अनुसार, 4 मई को 112 हेल्पलाइन पर सूचना मिली कि अन्नाडेल क्षेत्र के ठाकुर बाग इलाके में एक युवक ने आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एक फ्लैट में युवक निखिलेष को पंखे से लटका हुआ पाया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निखिलेष हाल ही में घोषित 10+2 परीक्षा परिणाम के बाद मानसिक तनाव में था। उसके पिता प्रेमलाल शर्मा ने पुलिस को बताया कि परीक्षा में असफल रहने के कारण वह काफी परेशान था। इसी तनाव के चलते उसने यह कठोर कदम उठाया, ऐसी आशंका जताई जा रही है।
मौके पर जांच के दौरान युवक के शरीर पर किसी भी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस ने घटनास्थल पर फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के जरिए साक्ष्य एकत्र किए हैं और आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला के शवगृह में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
मृतक के परिजनों ने किसी प्रकार का संदेह व्यक्त नहीं किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
यह घटना एक बार फिर इस ओर ध्यान दिलाती है कि परीक्षा परिणाम के समय छात्रों पर मानसिक दबाव कितना गहरा असर डाल सकता है। ऐसे में परिवार और समाज की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को भावनात्मक सहारा दें और उन्हें यह समझाएं कि असफलता जीवन का अंत नहीं होती, बल्कि आगे बढ़ने का एक अवसर होती है।