हिमाचल के शख्स की चंडीगढ़ में गो*ली मार कर ह*त्या
हिमाचल प्रदेश के एक शख्स की चंडीगढ़ में दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दिए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। यह वारदात चंडीगढ़ के सबसे सुरक्षित और वीवीआईपी इलाकों में गिने जाने वाले सेक्टर-11 में हुई, जहां पीजीआई अस्पताल के पास स्थित एक नामी मेडिकल स्टोर में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रहने वाले 45 वर्षीय जानकी दास की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक जानकी दास शिमला जिला के रोहड़ू क्षेत्र के निवासी थे और लंबे समय से सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर में बतौर कैशियर काम कर रहे थे। उनकी सरेआम हत्या की खबर से न केवल चंडीगढ़ बल्कि पूरे रोहड़ू और शिमला क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक यह दिल दहला देने वाली वारदात शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे हुई। रोज की तरह जानकी दास मेडिकल स्टोर के काउंटर पर बैठे काम कर रहे थे और दुकान में ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई थी। इसी दौरान दो युवक चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी लगाकर आम ग्राहकों की तरह दुकान में दाखिल हुए। दोनों कुछ देर तक दवाई लेने के बहाने काउंटर के पास खड़े रहे।
दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि दोनों संदिग्ध करीब 20 सेकेंड तक दुकान के माहौल को देखते रहे। इसके बाद अचानक उन्होंने काउंटर की आड़ में अपने हथियार निकाले और देखते ही देखते जानकी दास पर बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने ऑटोमैटिक पिस्टल से महज कुछ सेकेंड के भीतर करीब 13 राउंड गोलियां दागीं। गोलियों से छलनी होकर जानकी दास ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात के बाद दोनों आरोपी हथियार लहराते हुए दुकान से बाहर निकले और फरार हो गए।
एसएसपी ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी सुमेर प्रताप सिंह के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने के लिए कुल तीन बदमाश स्कूटी पर आए थे। दो हमलावर मेडिकल स्टोर के अंदर गए, जबकि तीसरा आरोपी बाहर स्कूटी स्टार्ट कर खड़ा रहा ताकि वारदात के तुरंत बाद भागा जा सके।
इस दुस्साहसिक घटना ने चंडीगढ़ पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मेडिकल स्टोर में यह फायरिंग हुई, उससे कुछ ही दूरी पर चंडीगढ़ पुलिस का सुरक्षा नाका मौजूद था, जहां हर समय हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं।
पुलिस इस पूरे मामले को रंगदारी और गैंगवार से जोड़कर जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार मेडिकल स्टोर के मालिक को पिछले कुछ समय से लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग की ओर से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने की धमकियां मिल रही थीं। इसी वजह से उन्हें पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी।
घटना के बाद पूरे मार्केट क्षेत्र को सील कर दिया गया है। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और फॉरेंसिक टीमें पहुंच चुकी हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।