हिमाचल शर्मसार! अपनी बेटी के साथ पिता ने की नीचता
हिमाचल प्रदेश में आए दिन बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के साथ हो रहे दुराचार के मामले में सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में इंसाफ पाने के लिए ज्यादातर पीड़िताओं को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है। मगर हिमाचल के की विशेष न्यायाधीश अनुजा सूद की अदालत ने नाबालिग से यौन अपराध के मामले में दोषी पिता को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अ
मार्च 2023 में दर्ज हुआ था मामला
संयुक्त निदेशक अभियोजन चंबा दिग्विजय सिंह राणा ने बताया कि यह मामला 31 मार्च 2023 को पुलिस में दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि 27 मार्च 2023 की रात आरोपी ने नशे की हालत में अपने ही घर में अपनी नाबालिग बेटी के साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया।
घटना के अगले दिन पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पूरी बात अपनी सौतेली मां को बताई। बाद में घर से बाहर जाते समय उसने एक महिला को भी आपबीती सुनाई। महिला ने तुरंत इस मामले की जानकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी, जिसके बाद पुलिस तक मामला पहुंचा और केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
19 गवाहों के बयान बने अहम सबूत
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए। गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।सभी सबूतों और गवाहों के बयानों पर गौर करने के बाद अदालत ने आरोपी नरिंदर को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत दोषी करार दिया। इसके बाद उसे 20 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
इस मामले में राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक सोहम कौशल ने अदालत में पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सख्त सजा सुनाई।