हिमाचल

हिमाचल में एक ही दिन दो युवकों की संदिग्ध मौत

 

हिमाचल में एक ही दिन दो युवकों की संदिग्ध मौत, दोनों के पास मिली सिरिंज; ओवरडोज की आशंका से हड़कंप

हिमाचल प्रदेश में नशे का बढ़ता जाल अब युवाओं की जान पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के दो अलग-अलग जिलों में दो युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों मामलों में मृतकों के पास सिरिंज मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

पहला मामला कांगड़ा जिले के इंदौरा क्षेत्र का है, जहां 30 वर्षीय शुभम का शव मैदान में औंधे मुंह पड़ा मिला। मौके पर उसकी बाजू में सिरिंज मिलने के बाद नशे की ओवरडोज की आशंका जताई गई। इसी बीच दूसरा मामला सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी से सामने आया, जिसने पूरे प्रदेश की चिंता और बढ़ा दी।

जानकारी के अनुसार, बद्दी के मलपुर क्षेत्र में सड़क किनारे खड़ी एक कार के अंदर एक युवक अचेत अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बद्दी ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जांच में मृतक की पहचान 26 वर्षीय पुष्पेंद्र चौहान निवासी जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।

घटना के बाद चर्चा इसलिए भी तेज हो गई क्योंकि युवक के हाथ में सिरिंज लगी होने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें सिरिंज दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल नशे की ओवरडोज से मौत की पुष्टि नहीं की है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

एक ही दिन में इंदौरा और बद्दी में सामने आए इन दोनों मामलों ने प्रदेश में नशे के बढ़ते खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और सामाजिक संगठनों का कहना है कि चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों का नेटवर्क लगातार युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है, जिससे कई परिवार बर्बाद हो रहे हैं।

बद्दी के एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्य कब्जे में लेकर वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

फिलहाल दोनों मामलों ने प्रदेश में नशे की समस्या को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। यदि जांच में ओवरडोज की पुष्टि होती है, तो यह हिमाचल के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत होगा कि नशा अब केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि युवाओं की जिंदगी से जुड़ा गंभीर सामाजिक संकट बन चुका है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *