लिफ्ट देकर किशोरी को जंगल में ले गया युवक
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से नाबालिगा से दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। लिफ्ट देने के बहाने नाबालिगा को जंगल में ले जाकर दुष्कर्म करने के दोषी को कोर्ट ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
20 साल की कठोर सजा
यह फैसला शुक्रवार को सैशन जज पंकज शर्मा की अदालत ने सुनाया। अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा दी।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अगर आरोपी 50 हजार रुपये का जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दुकान से लौट रही थी नाबालिगा
मामला 25 सितंबर 2024 का है। जानकारी के अनुसार, नाबालिगा घर से सामान लेने के लिए दुकान गई थी। सामान लेकर वापस लौटते समय आरोपी ने उसे स्कूटी से लिफ्ट देने की पेशकश की।
आरोप है कि आरोपी नाबालिगा को स्कूटी पर बैठाकर एक जंगल की तरफ ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। घटना के बाद आरोपी ने नाबालिगा को धमकाया और किसी को भी घटना के बारे में बताने से मना किया।
26 गवाहों के बयान से मजबूत हुआ केस
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कुल 26 गवाह पेश किए। गवाहों के बयान और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
कोर्ट के फैसले के बाद आरोपी को अब 20 साल की कठोर सजा भुगतनी होगी। वहीं, मामले की पैरवी हमीरपुर के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी संदीप अग्निहोत्री ने की।
अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। साथ ही यह मामला एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।