हिमाचल में दर्दनाक सड़क हादसा: नौकरी पर जा रही युवती की मौत
हिमाचल में दर्दनाक सड़क हादसा: नौकरी पर जा रही युवती की मौत, छह महिलाएं घायल
हिमाचल प्रदेश में सोमवार सुबह कर्मचारियों से भरी एक इनोवा गाड़ी दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। रोजगार की तलाश में घर से निकली एक युवती को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। हादसे में एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत छह महिला कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
जानकारी के अनुसार सभी कर्मचारी परवाणु स्थित एक निजी कंपनी में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। जब वाहन पिंजौर क्षेत्र के नौल्टा गांव के पास एक तीखे मोड़ पर पहुंचा, तभी चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते इनोवा सड़क से नीचे उतरकर करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गाड़ी नीचे बांस के पेड़ों में अटक गई, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। अगर वाहन और नीचे गिर जाता तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। हादसे के दौरान गाड़ी के अंदर अफरा-तफरी मच गई। जोरदार टक्कर से सीटें टूट गईं और कई यात्री एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
इस हादसे में जान गंवाने वाली युवती की पहचान ऊषा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उसने महज एक महीने पहले ही कंपनी में नौकरी शुरू की थी। वह अपने परिवार की आर्थिक मदद और बेहतर भविष्य के सपनों के साथ रोजाना ड्यूटी पर जाती थी। परिजनों के अनुसार ऊषा अपनी बहन के घर रहकर नौकरी कर रही थी। लेकिन सोमवार की सुबह उसके लिए जिंदगी की आखिरी सुबह बन गई।
परिवार ने बताया कि हादसे के समय ऊषा वाहन की पिछली सीट पर बैठी थी। गाड़ी खाई में गिरते ही पीछे की सीटें आगे की ओर खिसक गईं, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हादसे में चालक सहित छह महिला कर्मचारी घायल हुई हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि सभी की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की जरूरत को उजागर करता है। जो सफर रोजमर्रा की ड्यूटी के लिए शुरू हुआ था, वह कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गया।