84 दिन बाद जिंदगी की जंग हारे टैक्सी चालक: लूट के लिए चाकू से हमला
84 दिन बाद जिंदगी की जंग हारे टैक्सी चालक: लूट के लिए चाकू से हमला, गला घोंटकर जंगल में फेंका था, अब हत्या का केस
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में लूट की नीयत से किए गए जानलेवा हमले का शिकार बने टैक्सी चालक मेहर सिंह ने 84 दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद आखिरकार दम तोड़ दिया। टांडा मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पीड़ित के निधन के बाद पुलिस ने अब इस मामले में हत्या के प्रयास की धाराओं को बदलकर हत्या का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
होशियारपुर जाने के बहाने बुक की थी टैक्सी
पुलिस के अनुसार, यह सनसनीखेज वारदात 16 अप्रैल को हुई थी। दो युवकों ने मेहर सिंह की टैक्सी होशियारपुर जाने के लिए बुक की थी। सफर के दौरान आरोपियों ने चालक को मुख्य मार्ग छोड़कर सुनसान इलाके की ओर वाहन ले जाने के लिए कहा। पहले से रची गई साजिश के तहत एकांत स्थान पर पहुंचते ही दोनों ने चालक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले के बाद आरोपियों ने रस्सी से उनका गला घोंट दिया और उन्हें मृत समझकर जंगल में फेंक दिया। इसके बाद दोनों टैक्सी लेकर होशियारपुर पहुंचे, वाहन को लावारिस छोड़ दिया और फरार हो गए। जाते समय वे चालक की नकदी और उंगली में पहनी सोने की अंगूठी भी लूट ले गए।
24 घंटे बाद जंगल से जिंदा मिले
जब मेहर सिंह घर नहीं लौटे तो अगले दिन उनके भाई ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान संदेह के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर जंगल में तलाश अभियान चलाया गया।
करीब 24 घंटे तक घायल अवस्था में जंगल में पड़े रहने के बावजूद मेहर सिंह जीवित मिले। उन्हें पहले देहरा अस्पताल ले जाया गया और बाद में गंभीर हालत को देखते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा रेफर किया गया।
84 दिन तक चले इलाज के बाद मौत
डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन लंबे इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। 84 दिनों तक जिंदगी से जूझने के बाद उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी मौत से परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
अब हत्या की धारा होगी शामिल
एसपी देहरा संदीप धवल ने बताया कि शुरुआत में आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। अब पीड़ित की मौत के बाद केस में हत्या की धारा भी जोड़ी जाएगी और उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी 19 और 23 वर्ष के हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वे पहले भी कई बार मेहर सिंह की टैक्सी किराए पर ले चुके थे। जांच में यह भी पता चला कि नशे की लत और पैसों की जरूरत के चलते उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस मामले की विस्तृत जांच जारी रखे हुए है।