चंबा में सांपों का बढ़ा आतंक! 34 लोगों को डसा जहरीले सांप के जहर से महिला की मौत
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में बरसात के बीच सर्पदंश के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में जिले में 34 लोगों को सांप ने डसा है, जिनमें से एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि मृतका करीब 50 वर्षीय महिला थी और डलहौजी स्वास्थ्य खंड के क्षेत्र की रहने वाली थी। महिला को जहरीले सांप ने डस लिया था। सर्पदंश के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक शरीर में जहर काफी फैल चुका था। डॉक्टरों ने महिला को बचाने की पूरी कोशिश की, मगर उसकी जान नहीं बच सकी।
वहीं, जिले में सामने आए बाकी 33 मामलों में मरीजों को समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बचाई जा सकी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जरूरत के मुताबिक मरीजों को एंटी-स्नेक वेनम यानी सांप के जहर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा दी गई।
दरअसल, बरसात के मौसम में सर्पदंश का खतरा बढ़ जाता है। बारिश का पानी सांपों के बिल और उनके रहने वाले सुरक्षित ठिकानों में भर जाता है। ऐसे में सांप सूखी जगह की तलाश में बाहर निकलते हैं और कई बार इंसानी बस्तियों, खेतों और घरों के आसपास पहुंच जाते हैं।
चंबा जैसे पहाड़ी जिले में बड़ी संख्या में लोग खेती-बाड़ी, घास काटने और जंगलों में काम करते हैं। ऐसे में घनी घास, लकड़ियों के ढेर, पत्थरों और अंधेरे स्थानों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। रात के समय बाहर निकलते वक्त टॉर्च का इस्तेमाल करने और बंद जूते पहनने की सलाह भी दी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ कहा है कि सांप के काटने के बाद झाड़फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए।
सर्पदंश के बाद पीड़ित को शांत रखें और जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे यथासंभव स्थिर रखें। वहीं, घाव को काटकर जहर निकालने, मुंह से जहर चूसने, बहुत कसकर पट्टी बांधने या घाव पर जड़ी-बूटी और कोई घरेलू पदार्थ लगाने से बचना चाहिए।
CMO डॉ. जालम सिंह ने कहा कि सर्पदंश के मामलों में इलाज शुरू होने में देरी मरीज की स्थिति को गंभीर बना सकती है। इसलिए सांप के काटने की घटना को हल्के में न लें और बिना समय गंवाए चिकित्सा सहायता लें।
बरसात के इस मौसम में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खेतों, जंगलों, घास वाले क्षेत्रों और घर के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है। खासतौर पर सर्पदंश की स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण हो सकता है, इसलिए पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है।