कांगड़ा में दर्दनाक हादसा: ड्यूटी के दौरान टैंक में गिरकर पंप ऑपरेटर की मौत
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। शाहपुर उपमंडल के धनोटू में जल शक्ति विभाग के एक पंप ऑपरेटर की ड्यूटी के दौरान पानी के टैंक में गिरने से मौत हो गई। यह विडंबना ही है कि जहां वह अपनी रोजी-रोटी कमाने और कर्तव्य निभाने गया था, वहीं उसकी जिंदगी का अंत हो गया।
ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
मृतक की पहचान कुटेहड़ पंचायत के लदवाड़ा गांव निवासी मलकीत सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह शुक्रवार को अपनी नियमित ड्यूटी के लिए धनोटू स्थित पानी के टैंक पर पहुंचे थे। आशंका जताई जा रही है कि पंप चलाते समय उनका संतुलन बिगड़ा और पैर फिसलने से वह टैंक में जा गिरे। टैंक के भीतर सिर पर चोट लगने और बाहर निकलने का कोई सहारा न मिलने के कारण उनकी डूबने से मौत हो गई।
इस घटना का पता तब चला जब अगली शिफ्ट का कर्मचारी ड्यूटी संभालने पहुंचा। टैंक में मलकीत सिंह का शव तैरता देख वह सन्न रह गया। तुरंत विभागीय अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मलकीत सिंह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उनकी मौत की खबर से गांव में मातम पसर गया और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी, आज उसी की अर्थी उठते देख हर आंख नम हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने जल शक्ति विभाग में काम कर रहे फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर ऐसे कर्मचारी अकेले और सुनसान स्थानों पर काम करते हैं, जहां किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिलना मुश्किल होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि टैंक के पास सुरक्षा रेलिंग या अतिरिक्त कर्मचारी मौजूद होते, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि सिस्टम में मौजूद सुरक्षा खामियों की ओर भी इशारा करती है।