कांगड़ा

कांगड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा: फोरलेन पर पशु को बचाने के प्रयास में बाइक फिसली

कांगड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा: फोरलेन पर पशु को बचाने के प्रयास में बाइक फिसली, बैंक कर्मचारी की मौत

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। हादसा दौलतपुर के समीप फोरलेन पर उस समय हुआ, जब बाइक चला रहे युवक के सामने अचानक एक पशु आ गया। पशु को बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को सड़क से उठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान अभिषेक कुमार निवासी रजियाणा बांध, जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह कांगड़ा स्थित ICICI बैंक में कार्यरत थे और अपने मिलनसार स्वभाव के कारण क्षेत्र में अच्छी पहचान रखते थे। उनके असामयिक निधन की खबर से परिवार, मित्रों और सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अभिषेक कुमार शुक्रवार सुबह अपनी बाइक पर अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह दौलतपुर के पास फोरलेन पर पहुंचे, अचानक एक पशु सड़क पर आ गया। उसे बचाने की कोशिश में बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क पर फिसल गया। हादसे में युवक के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में दुर्घटना का कारण सड़क पर अचानक पशु का आ जाना माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

इस हादसे के बाद एक बार फिर फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्गों पर घूम रहे आवारा पशुओं का मुद्दा चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पशु अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना, पर्याप्त दूरी बनाए रखना और विशेष रूप से सुबह व शाम के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है, क्योंकि इन समयों में पशुओं के सड़क पर आने की संभावना अधिक रहती है।

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