टैक्सी से चंडीगढ़ जा रहे योगेश की ट्रक से भीषण टक्कर परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। भोटा के पास टैक्सी और ट्रक के बीच हुई जोरदार टक्कर में 68 वर्षीय डॉ. योगेश चंद्र भट्ट की मौत हो गई, जबकि टैक्सी चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल चालक को उपचार के लिए जिला अस्पताल हमीरपुर में भर्ती करवाया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
चंडीगढ़ एयरपोर्ट जा रहे थे डॉ. योगेश
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के उदयपुर निवासी डॉ. योगेश चंद्र भट्ट वर्तमान में हमीरपुर में जायका प्रोजेक्ट के तहत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी एक्सपर्ट के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। गुरुवार सुबह वह टैक्सी में चंडीगढ़ एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए थे।
बताया जा रहा है कि जब उनकी टैक्सी भोटा क्षेत्र के पास पहुंची तो सामने से आ रहे एक ट्रक के साथ उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि टैक्सी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
एयरबैग खुलने के बावजूद नहीं बच सकी जान
हादसे के दौरान टैक्सी के एयरबैग भी खुल गए थे, लेकिन डॉ. योगेश चंद्र भट्ट को गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
दोनों घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद डॉ. योगेश चंद्र भट्ट को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल टैक्सी चालक का उपचार जारी है।
जायका प्रोजेक्ट से जुड़े थे डॉ. भट्ट
मृतक डॉ. योगेश चंद्र भट्ट की पहचान राजस्थान के उदयपुर स्थित शांतिनगर मार्ग निवासी के रूप में हुई है। वह हमीरपुर में जायका प्रोजेक्ट से जुड़े प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी एक्सपर्ट के पद पर कार्यरत थे। उनकी अचानक हुई मौत की खबर से उनके सहकर्मियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
उधर, पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि टैक्सी और ट्रक के बीच टक्कर किन परिस्थितियों में हुई। दोनों वाहनों की स्थिति और दुर्घटनास्थल से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगामी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। रक्षाबंधन के पावन पर्व के मौके पर हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।