हिमाचल

4,050 सहारा लाभार्थी नई ऑनलाइन प्रणाली में स्थानांतरित

 

4,050 सहारा लाभार्थी नई ऑनलाइन प्रणाली में स्थानांतरित
मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सहारा योजना तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की।
बैठक में योजना का प्रभावी, पारदर्शी एवं सुगम क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा एक समर्पित ऑनलाइन सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन विकसित की गई है। नई प्रणाली के तहत 4,050 सक्रिय एवं पात्र लाभार्थियों को सफलतापूर्वक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित किया गया है। पोर्टल के माध्यम से 3,958 लाभार्थियों का ‘आधार’ आधारित ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है। इसके परिणामस्वरूप जुलाई, 2026 माह के लिए अब तक 3,723 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है। ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से अब तक कुल 4,143 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों को योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रक्रिया में लाकर स्वीकृत किया जा रहा है।
विभाग द्वारा विकसित ऑनलाइन पोर्टल लाइव है और आम जनता के लिए उपलब्ध है। पात्र एवं जरूरतमंद आवेदक मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारा योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन व्यक्तियों को प्रति माह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो कुछ चिन्हित घातक बीमारियों से पीड़ित हैं। योजना के तहत उनके परिचारकों को भी सहायता प्रदान की जाती है, जिससे लंबे समय तक चलने वाले चिकित्सा उपचार के दौरान परिवारों पर आर्थिक बोझ और कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष के लिए योजना के तहत 20.01 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से अब तक 4.46 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
श्री सुक्खू ने विभाग को निर्देश दिए कि योजना के लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध एवं सुगम तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबे समय तक चलने वाले चिकित्सा उपचार के कारण आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे जरूरतमंद परिवारों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, प्रधान सचिव देवेश कुमार, सचिव सी.पी. वर्मा, निदेशक ईएसओएमएसए सुमित किमटा, निदेशक महिला एवं बाल विकास डॉ. पंकज ललित तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *