हिमाचल

नौ दिन से लापता युवक ब्यास नदी के पार जंगल में मिला पुलिस ने किया रेस्क्यू

 

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में नौ दिन से लापता चल रहे 24 वर्षीय युवक को आखिरकार पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। युवक औट कस्बे के सामने ब्यास नदी के दूसरे किनारे दुर्गम जंगल में फंसा मिला। बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब तीन दिनों से इसी इलाके में फंसा हुआ था।

युवक की पहचान थरवन कुमार उर्फ दिशू, पुत्र देवी राम, निवासी नग्गर छनारटी, तहसील नग्गर के रूप में हुई है। पुलिस ने रेस्क्यू के बाद जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और युवक को उसके परिजनों के हवाले कर दिया।

मंदिर के पास जंगल में दिखा युवक

दरअसल, 19 सितंबर को सैंज पुलिस को सूचना मिली कि लारजी-औट पुरानी सड़क पर औट पुल के पास माता मंदिर से करीब आधा किलोमीटर ऊपर जंगल में ब्यास नदी के किनारे एक युवक अकेला घूम रहा है।

सूचना मिलते ही सैंज पुलिस की टीम स्थानीय निवासी राहुल और कमल नैन को साथ लेकर मौके पर पहुंची। नदी के दूसरी तरफ दुर्गम पहाड़ी और घने जंगल में युवक की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने रेस्क्यू की तैयारी शुरू की।

जान जोखिम में डालकर नदी पार पहुंची टीम

युवक जिस जगह फंसा हुआ था, वहां पहुंचना बेहद मुश्किल था। ब्यास नदी के दूसरी तरफ दुर्गम पहाड़ी और घना जंगल होने के कारण पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद ली।

पुलिस और स्थानीय लोगों ने जोखिम उठाकर नदी पार की और युवक तक पहुंचे। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से नदी के इस पार लाया गया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

नौ दिन से था लापता

पूछताछ के दौरान युवक की पहचान थरवन कुमार के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने बताया कि थरवन पिछले नौ दिनों से लापता था और उसकी लगातार तलाश की जा रही थी।

युवक ने पुलिस को बताया कि वह करीब तीन दिनों से ब्यास नदी के दूसरे किनारे फंसा हुआ था। हालांकि वह वहां कैसे पहुंचा और लापता होने के बाद इन नौ दिनों में कहां-कहां रहा, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

सुरक्षित घर पहुंचा युवक

पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवक को उसके परिजनों को सौंप दिया। लंबे समय बाद बेटे के सुरक्षित मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली।

फिलहाल पुलिस युवक से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वह लापता होने के बाद ब्यास नदी के इस दुर्गम जंगल तक किन परिस्थितियों में पहुंचा और करीब तीन दिनों तक वहां कैसे रहा।

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