हिमाचल

नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाया दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की सजा

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में नाबालिग से जुड़े दुष्कर्म और अपहरण के मामले में अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

2021 में दर्ज हुआ था मामला

मामला साल 2021 का है। 12 जुलाई को नाबालिग लड़की के पिता ने बद्दी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने उनकी नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाया और अपने साथ ले गया। इसके बाद उसके साथ कई बार दुराचार करने का भी आरोप लगाया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला पुलिस थाना बद्दी में पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की।

19 गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्य

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 19 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान पेश किए। इसके अलावा वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजी सबूत भी अदालत के समक्ष रखे गए।

लोक अभियोजक बी.एस. नेगी ने अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी की। अदालत में पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी अनुभव उर्फ मोनू को दोषी माना गया। आरोपी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला है।

अदालत ने सुनाई 20 साल की सजा

मामले में जिला न्यायालय सोलन की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पॉक्सो सोलन की न्यायाधीश कनिका चावला की अदालत ने फैसला सुनाया।

अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

इस फैसले के बाद नाबालिग से जुड़े इस मामले में अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोषसिद्धि की है।

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