टांडा मेडिकल कॉलेज में नशे पर बड़ी कार्रवाई: गर्ल्स हॉस्टल से 16 शराब की बोतलें बरामद एमबीबीएस छात्रा एक माह के लिए निष्कासित
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां गर्ल्स हॉस्टल में रह रही एमबीबीएस तृतीय वर्ष की एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के कमरे से शराब की करीब 16 बोतलें बरामद होने के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान छात्रा नशे की हालत में बेसुध पाई गई।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार उन्हें लंबे समय से हॉस्टल में कुछ छात्रों द्वारा नशा करने की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर हॉस्टल में औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान जब संबंधित छात्रा के कमरे की तलाशी ली गई तो वहां से शराब की कई बोतलें बरामद हुईं। छात्रा उस समय बेहोशी की हालत में मिली।
मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. मिलाप शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षु डॉक्टर को एक महीने के लिए कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही उस पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
प्रिंसिपल ने स्पष्ट कहा कि मेडिकल कॉलेज परिसर में किसी भी प्रकार के नशे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस घटना को अन्य छात्रों के सामने उदाहरण के तौर पर रखा गया है, ताकि भविष्य में कोई भी छात्र ऐसी गलती न करे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 5 जून को कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में औचक निरीक्षण के दौरान चार प्रशिक्षु डॉक्टर नशे की हालत में पकड़े गए थे। उस समय भी सभी छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था और उन्हें एक महीने के लिए निष्कासित किया गया था।
कॉलेज प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई भी छात्र या प्रशिक्षु डॉक्टर नशे से जुड़ी गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि मेडिकल जैसे जिम्मेदार पेशे में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकती।