हिमाचल

दोस्ती की मिसाल बन गया निखिल दोस्त की जान बचाकर खुद हो गया कुर्बान

कुल्लू की लगवैली घाटी से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। 25 वर्षीय निखिल कुमार ने दोस्ती की ऐसी मिसाल कायम की है, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।

शुक्रवार को निखिल अपने दोस्तों के साथ शिरढ़ मेले से लौट रहा था। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए सभी युवक खलाड़ानाला के पास लगवैली नदी में नहाने उतर गए। माहौल हंसी-खुशी से भरा हुआ था, लेकिन कुछ ही पलों में यह खुशी मातम में बदल गई।

नहाते समय निखिल का एक दोस्त अचानक नदी के गहरे पानी और तेज बहाव में फंस गया। वह मदद के लिए पुकारने लगा। साथी को मौत से जूझता देख निखिल ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी।

निखिल ने अपनी जान की परवाह किए बिना पूरी ताकत लगाकर दोस्त को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन दोस्त को नई जिंदगी देने वाला यह जांबाज युवक खुद नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। देखते ही देखते वह पानी में बह गया और किनारे खड़े दोस्तों की चीखें बेबस होकर रह गईं।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और नजदीकी परियोजना के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद निखिल को नदी से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

निखिल की मौत की खबर से भुंतर के हवाई (शियाह) गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जिस मां ने सुबह अपने बेटे को मुस्कुराते हुए विदा किया था, शाम को उसी बेटे का पार्थिव शरीर घर पहुंचा। पूरे क्षेत्र में गम का माहौल है।

कुल्लू के एसपी मदन लाल ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। निखिल अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन दोस्ती के लिए दिया गया उसका सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

दोस्त तो बच गया, लेकिन अपने जीवनदाता दोस्त की याद शायद उसे जिंदगी भर सताती रहेगी। लगवैली नदी की लहरें अब हमेशा निखिल की बहादुरी और दोस्ती की कहानी सुनाती रहेंगी।

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