हिमाचल में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला
हिमाचल प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के बीच एक अहम मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। जिला कांगड़ा के धर्मशाला स्थित फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला जिला किन्नौर के एक गांव का है, जहां 22 दिसंबर 2022 को एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई थी। पीड़िता ने अपने परिजनों को बताया कि आरोपी ललित मोहन ने उसे डराकर और धमकाकर इस वारदात को अंजाम दिया। साथ ही किसी को कुछ बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस जांच के बाद 20 फरवरी 2023 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में कई गवाह पेश किए गए और दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) धर्मशाला ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।