6 साल की बच्ची से गलत हरकत की कोशिश
6 साल की बच्ची से गलत हरकत की कोशिश, POCSO कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा
हिमाचल प्रदेश में नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। किन्नौर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय POCSO कोर्ट रामपुर ने छह वर्षीय बच्ची को आइसक्रीम खिलाने के बहाने अपने पास बुलाकर गलत हरकत करने के प्रयास के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को कुल 20 वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला 3 अक्टूबर 2025 का है। जानकारी के अनुसार, छह वर्षीय बच्ची अपने भाई के साथ दुकान के सामने खेल रही थी। इसी दौरान झाकड़ी क्षेत्र में आइसक्रीम की रेहड़ी लगाने वाले आरोपी रोशन लाल बंजारा ने बच्ची को आइसक्रीम खिलाने के बहाने अपने ठेले के पास बुलाया और उसे अपने साथ ले गया।
कुछ देर बाद बच्ची की मां उसे ढूंढते हुए आरोपी की रेहड़ी के पास पहुंची। वहां संदिग्ध परिस्थितियां देखकर मां ने तुरंत हस्तक्षेप किया और बच्ची को आरोपी के पास से छुड़ा लिया। इसके बाद महिला बच्ची को लेकर पुलिस थाना पहुंची और मामले की शिकायत दर्ज करवाई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कुल 18 गवाह पेश किए। गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित माना।
सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मानते हुए POCSO कोर्ट ने रोशन लाल बंजारा को दोषी करार दिया।
अदालत ने 12 अगस्त को आरोपी को POCSO अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 20 वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
यह मामला एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को सतर्क रहने का संदेश देता है। हालांकि बच्चों की जिम्मेदारी पूरी तरह बड़ों की होती है, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना और किसी अनजान व्यक्ति के साथ उन्हें अकेला न छोड़ना बेहद जरूरी है।