सोलन में किशोरी से दुष्कर्म का दोषी करार
सोलन में किशोरी से दुष्कर्म का दोषी करार, आरोपी को 10 साल की कठोर सजा
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से नाबालिगा से दुष्कर्म के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए।
2024 में दर्ज हुआ था मामला
मामला कंडाघाट पुलिस थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार नाबालिगा की शिकायत के आधार पर 9 मार्च 2024 को आरोपी रजत कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोपी हमीरपुर जिले के बड़सर क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने 13 अप्रैल 2021 को किशोरी के कमरे में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप यह भी था कि आरोपी किशोरी पर शादी करने का दबाव बनाता था और उसका पीछा करता था। शिकायत में उसके घर में जाकर बार-बार यौन संबंध बनाने के भी आरोप लगाए गए थे।
पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में पेश किया चालान
शिकायत मिलने के बाद कंडाघाट पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने एफआईआर नंबर 15/2024 के तहत IPC की धारा 354-डी, 504, 506 और 376 के साथ POCSO एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। इसके बाद मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, POCSO सोलन की अदालत में हुई।
19 गवाहों के बयान दर्ज
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने मामले के समर्थन में कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। इसके अलावा अदालत के समक्ष अन्य साक्ष्य भी पेश किए गए।
अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी को संबंधित अपराधों का दोषी करार दिया।
POCSO एक्ट में 10 साल की सजा
अदालत ने POCSO एक्ट की धारा 4 के तहत आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को एक महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
इसके अलावा IPC की धारा 354-डी के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास और 3 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
वहीं IPC की धारा 504 के तहत 6 महीने और धारा 506 के तहत 2 वर्ष के साधारण कारावास की सजा भी सुनाई गई है।
अदालत के फैसले से मामले का कानूनी अंत
नाबालिगा से जुड़े इस मामले में अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। अदालत के फैसले के बाद आरोपी को अब 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामले की पैरवी लोक अभियोजक सीएस नेगी ने की।