शिमला

शिक्षक ने छात्रा को कमरे में बुलाकर की नीच हरकत

हिमाचल प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला सामने आया था। सरकारी स्कूल के एक शिक्षक ने तीन नाबालिग छात्राओं को अपने कमरे में बुलाकर उनका शोषण किया था। अब इस मामले में शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक पर बड़ी कार्रवाई की है।

कुल्लू जिला में तैनात इतिहास प्रवक्ता विपिन कुमार को विभाग ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इस घटना ने पूरे शिक्षा तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। कमरे में बुलाकर छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप जांच में सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने स्कूल समय के दौरान तीन छात्राओं को अपने निजी कमरे में बुलाया। वहां दो छात्राओं से घरेलू काम करवाया गया, जबकि एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई। आरोप है कि शिक्षक ने छात्रा को डराकर इस घटना को छिपाने का दबाव भी बनाया।

यह मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।घटना के बाद पीड़ित छात्रा ने साहस दिखाते हुए सैंज थाना में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम 2012 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच में जातीय भेदभाव की भी पुष्टि विभागीय जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाली छात्रा को विशेष रूप से निशाना बनाया और उससे बार-बार घरेलू काम करवाया। इसे गंभीर जातीय भेदभाव मानते हुए संबंधित कानूनों के उल्लंघन का मामला भी जोड़ा गया है।जांच रिपोर्ट के आधार पर स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली ने आरोपी शिक्षक को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा और सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह के मामलों में और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।इस घटना के बाद सरकारी स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा के लिए और क्या कदम उठाए जाएंगे, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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