हिमाचल में मौसम का कहर जारी: लैंडस्लाइड से कार दबने की घटना चंबा में पुल ढहा
हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि के चलते अब पहाड़ भी दरकने लगे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है।
लाहौल जिले के मोसूमा थेतुप कुरकुर क्षेत्र में सोमवार दोपहर बाद भारी भूस्खलन की घटना सामने आई। पहाड़ी से अचानक बड़े-बड़े पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा।
इसी दौरान वहां से गुजर रही एक कार इसकी चपेट में आ गई। एक विशाल चट्टान सीधे गाड़ी पर गिरने से उसमें सवार पंजाब के एक दंपत्ति घायल हो गए, जबकि चालक सुरक्षित बच गया।
घायलों को तुरंत केलांग अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए कुल्लू रेफर किया गया। फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से जारी खराब मौसम के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई जगह सड़कों पर मलबा आने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
उधर, चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में भी मौसम का कहर देखने को मिला। होली-खड़ामुख मार्ग पर बन रहा निर्माणाधीन सिंयुर पुल भूस्खलन की चपेट में आकर ढह गया।
बताया जा रहा है कि अचानक पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह पुल स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण था और लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी।
मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के लिए प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 7 से 9 अप्रैल के बीच मौसम सबसे ज्यादा खराब रहेगा, जिसमें 8 अप्रैल को हालात और बिगड़ सकते हैं।
हालांकि 10 अप्रैल से मौसम में हल्का सुधार आने की उम्मीद जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में यात्रा टालने को कहा है। फिलहाल हिमाचल में मौसम का यह कहर लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।