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चंबा में दर्दनाक हादसा: पति को बचाने गई पत्नी भी खाई में गिरी

चंबा में दर्दनाक हादसा: पति को बचाने गई पत्नी भी खाई में गिरी, दंपति की मौत से गांव में मातम

Himachal Pradesh के Chamba जिले के भरमौर क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक ही पल में एक परिवार की खुशियां उजड़ गईं और बुजुर्ग माता-पिता का इकलौता सहारा हमेशा के लिए छिन गया। जब गांव में एक ही घर से बेटे और बहू की अर्थियां एक साथ निकलीं तो हर आंख नम हो गई।

रिश्तेदार के घर जाते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार धरवाला उपतहसील के दुर्गम क्षेत्र में ग्राम पंचायत दाडवी के उआ गांव निवासी 33 वर्षीय गोरख अपनी 26 वर्षीय पत्नी सुषमा देवी के साथ किसी रिश्तेदार के घर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक गोरख का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई की ओर गिरने लगा।

पति को बचाने के लिए सुषमा देवी ने तुरंत उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वह भी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बुजुर्ग माता-पिता पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने केवल दो जिंदगियां नहीं छीनीं, बल्कि पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। गोरख अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी।

सबसे मार्मिक बात यह है कि मृतक के पिता पहले से गंभीर बीमारी के कारण अपनी दोनों टांगें गंवा चुके हैं। ऐसे में परिवार की पूरी जिम्मेदारी बेटे पर ही थी, लेकिन इस हादसे ने परिवार का सहारा छीन लिया।

दो मासूम बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

हादसे में जान गंवाने वाला यह दंपति अपने पीछे दो छोटे बच्चों — एक बेटा और एक बेटी — को छोड़ गया है। जिस उम्र में बच्चों को मां की ममता और पिता के स्नेह की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी उम्र में उन्हें जिंदगी की सबसे बड़ी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

अब इन बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की जिम्मेदारी उनके बुजुर्ग दादा-दादी पर आ गई है, जो पहले से ही शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।

अंतिम संस्कार में उमड़ा गांव

शुक्रवार को जब गांव में पति-पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। एक ही घर से निकली दो अर्थियों को देखकर लोगों का कलेजा भर आया। अंतिम यात्रा में शामिल हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्षों में ऐसा दर्दनाक मंजर नहीं देखा। लोग लगातार पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। हादसे के बाद उआ गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों के दुर्गम रास्तों और वहां रहने वाले लोगों की कठिन जिंदगी की याद दिलाता है। एक पल की दुर्घटना ने दो मासूम बच्चों से उनके माता-पिता और बुजुर्ग दंपति से उनके जीवन का सहारा छीन लिया।

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