हिमाचल

BP बढ़ने पर अस्पताल पहुंची बुजुर्ग महिला को लगा डाला हार्ट का इंजेक्शन

हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला से अस्पताल की कथित लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ठियोग अस्पताल में ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित एक बुजुर्ग महिला को कथित तौर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।

बीपी बढ़ने पर अस्पताल लेकर पहुंचे थे परिजन

जानकारी के अनुसार, ठियोग के संधु क्षेत्र की रहने वाली बुजुर्ग महिला का अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। इसके बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए ठियोग अस्पताल लेकर पहुंचे।

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने महिला को पैंटोप्राजोल का इंजेक्शन लगाने की सलाह दी थी, लेकिन अस्पताल में उन्हें गलती से हृदय रोग से संबंधित कोई दूसरा इंजेक्शन लगा दिया गया।

दूसरे मरीज के लिए था इंजेक्शन, महिला को लगा दिया

परिजनों का कहना है कि जिस इंजेक्शन की बुजुर्ग महिला को जरूरत नहीं थी, वह अस्पताल में भर्ती किसी दूसरी महिला मरीज को लगाया जाना था। आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों से गलती हो गई और वही इंजेक्शन बुजुर्ग महिला को लगा दिया गया।

जब परिजनों को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों से मामले को लेकर जवाब मांगा।

परिजनों ने पुलिस में दी शिकायत

महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि शुरुआत में अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों की ओर से उन्हें मामले को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज करवाई।

महिला के बेटे दिनेश और इंदु ने बताया कि पुलिस में शिकायत देने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे माफी मांगी।

एहतियात के तौर पर IGMC शिमला भेजी महिला

गलत इंजेक्शन लगाने के आरोप के बाद महिला की हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। हालांकि एहतियात के तौर पर महिला को आईजीएमसी शिमला भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें करीब 12 घंटे तक रखा जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन से नहीं हो पाया संपर्क

मामले को लेकर ठियोग अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हो सका।

वहीं, ठियोग अस्पताल के चिकित्सक डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि महिला को पैंटोप्राजोल का इंजेक्शन लिखकर दिया गया था। उन्होंने कहा कि महिला को जो इंजेक्शन लगाया गया, उसका प्रभाव करीब आधे घंटे तक रहता है।

डॉ. शर्मा के अनुसार, पूरे मामले की चिकित्सकीय जांच की गई है और महिला की हालत पूरी तरह स्थिर है। एहतियात के तौर पर ही उसे आगे की निगरानी और उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।

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